ज्यादा का नहीं लालच हमको यह वाक्य क्या है? - jyaada ka nahin laalach hamako yah vaaky kya hai?

AP State Syllabus AP Board 9th Class Hindi Textbook Solutions Chapter 1 जिस देश में गंगा बहती है. Textbook Questions and Answers.

AP State Syllabus 9th Class Hindi Solutions Chapter 1 जिस देश में गंगा बहती है.

9th Class Hindi Chapter 1 जिस देश में गंगा बहती है. Textbook Questions and Answers

InText Questions (Textbook Page No. 1)

ज्यादा का नहीं लालच हमको यह वाक्य क्या है? - jyaada ka nahin laalach hamako yah vaaky kya hai?

प्रश्न 1.
चित्र में क्या-क्या दिखायी दे रहे हैं?
उत्तर:
चित्र में उडता हुआ एक कबूतर, चमकता हुआ सूरज, फूलों के पौधे और हिन्दी की एक कविता भी दिखाई दे रहे हैं।

प्रश्न 2.
उड़ना, चमकना, खिलना आदि शब्द इस चित्र में किनसे जुड़ सकते हैं?
उत्तर:
इस चित्र में उड़ना शब्द कबूतर (पक्षी) से, चमकना शब्द चाँद से, खिलना शब्द फूलों से जुड सकते हैं।

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प्रश्न 3.
इस चित्र से हमें क्या संदेश मिलता है?
उत्तर:
“शांति का संदेश देनेवाला, सबका सम सम्मान करनेवाला, खुशी के गीत गाने वाला इस दुनिया में भारत देश के अलावा और कोई नहीं” – यही इस चित्र का संदेश है।

अर्थग्राह्यता-प्रतिक्रिया

अ) प्रश्नों के उत्तर बताइए।

प्रश्न 1.
भारतीयों के बारे में कवि ने क्या कहा है?
उत्तर:
भारतीयों के बारे में कवि ने कहा है कि भारतीयों के होठों पर सदा सचाई रहती है, इनके दिलों में सफ़ाई
रहती है। ये मेहमानों को जान से भी अधिक प्यार करते हैं | इन्हें लालच नहीं होता है। थोडे में ही गुज़ारा करते हैं। ये इन्सान को पहचानते हैं। ये पूरबवाले हैं और जान की कीमत जाननेवाले हैं। मिलजुलकर प्यार
से रहते हैं। ये गैरों को भी अपनाते हैं। ये जिस देश में गंगा बहती है उस देश में रहनेवाले हैं।

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प्रश्न 2.
भारत में बहनेवाली कुछ नदियों के बारे में बताइए।
उत्तर:
भारत में कई नदियाँ बहती हैं। जैसे गंगा, यमुना, सिधुं, ब्रह्मपुत्र, कावेरी, गोदावरी और कृष्णा आदि।

गंगा :
गंगा नदी भारत की बडी नदी एवं पवित्र तथा जीव नदी है। इसका उद्गम स्थान गंगोत्री है जो हिमालयों में हैं।

गोदावरी :
यह दक्षिण भारत की जीव नदी कहलाती है। यह दक्षिण गंगा भी कहलाती है। इसका उद्गम स्थान है नासिक, त्रियंबक ।

कृष्णा :
कृष्णा नदी भी दक्षिण भारत की नदी है। इसका उद्गम स्थान महाबलेश्वर है।

आ) पाठ पढिए । अभ्यास – कार्य कीजिए ।

* कविता के आधार पर उचित क्रम दीजिए।

1. एक चीज़ यही तो रहती है ( )
2. मिलजुल के रहो और प्यार करो ( 1 )
3. जिस देश में गंगा बहती है ( )
4. हम उस देश के वासी हैं
उत्तर:
1) 2
2) 1
3) 4
4) 3

* भाव से संबन्धित कविता की पंक्तियाँ लिरिवए ।

प्रश्न 1.
विश्व के मानचित्र में भारत पूरब में है । इसलिए भारतीयों को पूरब वासी भी कहते हैं। हमारे यहाँ इंसानियत को अधिक महत्व दिया जाता है।
उत्तर:
कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं,
इंसान को कम पहचानते हैं।
ये पूरब है पूरब वाले।
हर जान की कीमत जानते हैं |

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प्रश्न 2.
हम ज्ञान को महत्व देते हैं। हमने सबसे कुछ न कुछ सीखा है । अंग्रेज़ों को भी अपनाया है |अपने लाभ के लिए किसी को हानि नहीं पहुँचायी ।
उत्तर:
जो जिससे मिला सीखा हमने,
गैरों को भी अपनाया हमने।
मतलब के लिए अंधे होकर,
रोटी को नहीं पूजा हमने ||

* पंक्तियाँ पढिए । भाव बताइए।
अपना किसी से वैर न समझो,
जग में किसी को गैर न समझो।
आप पढ़ो, औरों को पढ़ाओ,
घर-घर ज्ञान की जोत जलाऔ ।।
उत्तर:
हे भारत माँ के आँखों के तारों, नन्हें और मुन्ने लाडले पुत्रों, जिस प्रकार मैं ने तुम सबको सुसज्जित किया है। उसी प्रकार तुम सब देश को अलंकृत करें ।

आप किसी से वैर या शत्रु भावना न समझो | इस दुनिया के किसी को नये न समझो । आप पढ़कर औरों (दूसरों) को भी पढ़ाइए । घर-घर में ज्ञान ज्योति को जलाइए।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

अ) इन प्रश्नों के उत्तर दो – तीन वाक्यों में दीजिए।

प्रश्न 1.
गीत में कवि ने मिलजुलकर रहने के लिए क्यों कहा होगा?
उत्तर:
महान भारत देश में सदा मानवता, समानता, प्रेम, स्नेह आदि भावनाएँ बनी रहती हैं। संसार में कहीं भी किसी देश में भी न दिखाई देनेवाली पवित्र भावना “विश्व मानव कल्याण भावना” तथा ”अनेकता में एकता” आदि दुनिया को दिखाने के लिए, भारत को दुनिया के सामने आदर्श देश बनाने के लिए गीत में कवि मिलजुलकर रहने को कहा होगा।

प्रश्न 2.
हमें अपने मेहमान के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए? (या) भारतीय, मेहमानों के साथ कैसे व्यवहार करते हैं?
उत्तर:
मेहमान का अर्थ है अतिथि । अतिथि हमारे लिए भगवान की प्रतिमूर्ति समान है । अतिथि का सत्कार भारतीय लोगों का जन्म सिद्ध गुण है । ऐसे अतिथि की भलाई या अतिथि को खुश रखने अपनी हानि की भी परवाह नहीं करनेवाले हैं हम । अतिथि सत्कार को ही परम धर्म मानकर जी जान से उसकी सेवा में निमग्न होते हैं।

प्रश्न 3.
‘हर जान की क़ीमत जानते हैं ।’ इसका भाव अपने शब्दों में लिखिए|
उत्तर:
भारतवासी मानवता की प्रतिमूर्ति हैं। इनसानियत को अधिक महानता देनेवाले हैं । वास्तव में संसार के कुछ लोग हम से भी अधिक ज्ञान संबन्धी विषय जानते हैं । लेकिन वे मानवता का सच्चा मूल्य नहीं समझ सकते हैं। विश्व के मानचित्र में भारत पूरब में है । इसलिए भारतीयों को पूरबवासी भी कहते हैं । ये लोग हर प्राणी का महत्व जानते हैं। उनका आदर करते हैं।

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आ) इस गीत का सार अपने शब्दों में लिरिवए।
(या)
भारतवासियों की महानता के बारे में कवि शैलेंद्र कुमार की भावनाओं को अपने शब्दों में लिखिए।
(या)
“जिस देश में गंगा बहती हैं।” गीत में भारतीयों की महानता के बारे में सुंदर वर्णन किया गया है। समझाइए।
(या)
“जिस देश में गंगा बहती है” – पाठ का सारांश अपने शब्दों में लिखिए|
उत्तर:
“जिस देश में गंगा बहती है …….’ नामक कविता के कवि हैं श्री शैलेंद्र कुमार। आप इस प्रस्तुत कविता में भारत देश वासियों के महानगुणों के बारे में वर्णन करते हैं।

कवि कहते हैं कि हम उस देश के वासी हैं, जिस देश में गंगा बहती है। हमारे होठों पर सदा सचाई ही रहती है। हम कभी झूठ नहीं बोलते । हमारे दिलों में सफ़ाई रहती है। इसका मतलब यह है कि हम अपने दिलों को पवित्र रखते हैं।

हमारे मेहमानों को हम अपने प्राणों से भी प्यार करते हैं। हमें ज़्यादा लालच नहीं रहता । हम बहुत थोड़े में ही गुज़ारा करते हैं। जिस देश में गंगा बहती है, हम उस देश के वासी हैं | बच्चों के लिए यहाँ की धरती माँ सदियों से सहती है।

कवि कहते हैं कि कुछ लोग ज़्यादा जानने पर भी इन्सान को पहचान नहीं सकते । लेकिन हम भारत वासी एवं पूरबवासी हर जान की क़ीमत जानते हैं।

हमारे पास एक ही चीज़ है – वह है आपस में मिलजुलकर रहना और प्यार से रहना । जिस देश में गंगा बहती है, हम उस देश के वासी हैं।

हम ज्ञान को महत्व देते हैं। हमने सब से कुछ न कुछ सीखा है। हमने अंग्रेज़ों को भी अपनाया है। हमने अपने स्वार्थ (लाभ) के लिए किसी को हानि नहीं पहुँचायी ।

हम ही नहीं इस बात को सारी दुनिया, सारी दुनिया से कहती है कि जिस देश में गंगा बहती है हम उस देश में रहनेवाले भारतीय हैं।

इ) देशभक्ति भावना पर चार पंक्तियों की कविता लिरिवाए।
उत्तर:
जिस देश में गाँधी का जन्म हुआ है,
शांति, सत्य, अहिंसा का पालन जहाँ है,
जिस देश में महान हिमालय खडा है,
वह प्यारा भारत देश हमारा है।

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ई) इस गीत में आपको कौनसी बातें बहुत अच्छी लगी ? क्यों ?
उत्तर:
यह गीत भारत की महानता बतानेवाला है । इसमें भारतवासियों के उत्तम गुणों पर प्रकाश डाला गया है। उनमें इनसानियत, मिलजुलकर रहना आदि मुझे बहुत अच्छे लगे हैं। क्योंकि विश्व में अनेक देश हैं। उन देशों में रहनेवाले अनेक गुणों के लोग हैं। लेकिन भारतवासी सबसे श्रेष्ठ हैं।

मानवता के पुजारी हैं भारतवासी। भारतवासी मुक्ति पर श्रद्धा रखनेवाले सच्चरित्र व्यक्ति हैं। वे जानते हैं कि विश्व के सब मानव बिना किसी भेदभाव के समान हैं । इसलिए सब पर मानवता दिखाना इनका उत्तम गुण है। इसी कारण सबको समानता और समता की दृष्टि से देखते हैं। मिलजुलकर रहना “भारतीयों का खास गुण है। “वसुधैक कुटुंबकम्” पर विश्वास रखनेवाले हैं। उनके काम भी उसी आशय के अनुरूप ही होते हैं।

भाषा की बात

अ) उदाहरण के अनुसार वाक्य बनाइए।
यह + में – इसमें उदा : यह उपवन हैं। इसमें फूल हैं।
जो + में – जिसमें ज. यह रामू का अलबम है । जिसमें कई डाक टिकट हैं।

आ) मुहावरों के भाव बताइए।

प्रश्न 1.
जान से प्यारा होना
उत्तर:
अपने प्राणों से भी प्यार करना

प्रश्न 2.
मतलब की रोटी पूजना
उत्तर:
स्वार्थ से जीवन यापन करना

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प्रश्न 3.
मतलब के लिए अंधे होना
उत्तर:
स्वार्थ के लिए दूसरों को हानि पहुँचाना

इ) नीचे दिये गये वाक्यों की वाक्य रचना समझिए। |

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ई) नीचे दिये गये वाक्यों की वाक्य रचना पहचानिए।

प्रश्न 1.
हम नवीं कक्षा के छात्र हैं।
उत्तर:
सरल वाक्य

प्रश्न 2.
हम अपना भविष्य बनायेंगे और देश की सेवा करेंगे।
उत्तर:
संयुक्त वाक्य

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प्रश्न 3.
जो जितनी मेहनत करेगा वह उतना ही आगे बढेगा।
उत्तर:
मिश्रित वाक्य

परियोजना कार्य

किसी एक राष्ट्रीय चिहन का चित्र उतारकर पाँच वाक्य लिरिवाए। दीवार पत्रिका पर चिपकाइए।
उत्तर:

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राष्ट्र फल :
आम फलों का राजा है। हमारे देश में आम का पेड़ लगभग सभी प्रान्तों में होता है। आम की बहुत किस्में होती हैं जैसे – रसाल, मलगोबा, बंगिन पल्ली, तोतापरी, लंगड़ा, सफेदा, दशहरी आदि। आम के फल गर्मी के मौसम में अधिक मिलते हैं। आम की गुठली भी बहुत उपयोगी होती है। इसे आग में भूनकर खाते हैं।

जिस देश में गंगा बहती है Summary in English

We are the residents of the country where the river Ganga flows. Truth lies on our lips i.e., we are honest. Our hearts are clear and pellucid.

We honour our guests whoever they are, more than our lives. We do not have greed. We spend our days with modesty and moderation.

We are the citizens of the country where the river Ganga flows. Here the Mother Earth has been enduring the pains for centuries for the sake of her children.

Some people, though they are intellectuals, look down on others. We are the easterners. We, the easterners, know the value of every life. To the east side of the world map is India. Hence, the poet calls the people in India, easterners.

The only thing found here is that, live together and love all. We are the citizens of the country where the river Ganga flows.

Whomever we met, we learnt from them. We accepted even the strangers. We joined them with us. We are not blind with selfishness for our livelihood.

Now what are we ? All this world proclaims it. We are the residents (citizens) of the country where the Ganga flows. Truth lies on our lips i.e., we are honest. Our hearts are clear and pellucid.

जिस देश में गंगा बहती है Summary in Telugu

ఏ దేశంలో గంగానది ప్రవహించుచున్నదో, ఆ దేశ వాసులం (పౌరులం) మేము. మా పెదవులపై నిజం (నిజాయితీ) ఉంటుంది. మా హృదయాలు పరిశుభ్రంగా (కల్మషాలు లేకుండా) ఉంటాయి.

మా అతిథులు ఎవరైనా వారిని మా ప్రాణాల కంటే ఎక్కువగా చూసుకుంటాం. మాకు ఎక్కువ దురాశ ఉండదు. కొంచెంలోనే రోజుల్ని గడుపుకుంటాం.

మేము ఏ దేశంలో గంగానది ప్రవహించుచున్నదో ఆ దేశ పౌరులం. ఇక్కడ భూమాత తన పిల్లల కోసం శతాబ్దాలుగా అంతా సహిస్తోంది.

కొంతమంది ప్రజలు ఎంతో ఎక్కువ తెలిసిన వారైనప్పటికీ మనుషుల్ని తక్కువగా (అర్థం చేసుకుంటారు) గుర్తిస్తారు. మేము తూర్పు వాళ్ళం. తూర్పు వాళ్ళమైన మాకు ప్రతి ప్రాణం విలువ తెలుసు. ప్రపంచ పటంలో భారతదేశం తూర్పున ఉన్నది. అందువలన కవి తూర్పు వాళ్ళు అని పిలుస్తాడు.

కలసిమెలసి జీవించు, ప్రేమించు అనే ఒకే వస్తువు ఇక్కడ ఉంటుంది. ఏ దేశంలో గంగానది ప్రవహించు చున్నదో మేము ఆ దేశ పౌరులం.

మేము ఎవరిని కలిసినా వారి నుండి నేర్చుకున్నాం. క్రొత్తవారిని కూడా మేం స్వీకరించాము.

మాలో కలుపుకున్నాం స్వార్థం కోసం గుడ్డివారమై మేము జీవనోపాధి పొందడం లేదు.

ఇప్పుడు మేమేమిటి ? ఈ ప్రపంచం ప్రపంచం మొత్తంతో చెబుతోంది. గంగానది ఏ దేశంలో ప్రవహిస్తుందో మేము ఆ దేశ వాసులం (పౌరులం).

ఏ దేశంలో గంగానది ప్రవహించుచున్నదో మేము ఆ దేశ వాసులం (పౌరులం). మా పెదవులపై నిజం (నిజాయితీ) ఉంటుంది. మా హృదయాలలో పరిశుభ్రత ఉంటుంది.

अर्थवाहयता – प्रतिक्रिया

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए ।

1. मेहमाँ जो हमारा होता है,
वो जान से प्यारा होता है।
ज्यादा का नहीं लालच हमको,
थोडे में गुजारा होता है |
बच्चों के लिए जो धरती माँ,
सदियों से सभी कुछ सहती है।
हम उस देश के वासी हैं,
जिस देश में गंगा बहती है । (S.A.I – 2019-20)
प्रश्न :

1. हमें जान से प्यारा कौन होता है?
उत्तर:
मेहमान हमें जान से प्यारा होता है।

2. हमें किसका लालच नहीं है?
उत्तर:
हमें ज्यादा का लालच नहीं है।

3. धरती माँ किन के लिए सभी कुछ सह लेती है?
उत्तर:
धरती माँ बच्चों के लिए सभी कुछ सह लेती है।

4. किनको थोडे में गुजारा होता है?
उत्तर:
हम भारतवासियों को थोडे में गुजारा होता है।

5. यह पद्यांश किस पाठ से दिया गया है?
उत्तर:
यह पद्यांश जिस देश में गंगा बहती है।” पाठ से दिया गया है।

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2. होठों पे सचाई रहती है,
जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है ।
हम उस देश के वासी हैं,
जिस देश में गंगा बहती है |
मेहमाँ जो हमारा होता है,
वो जान से प्यारा होता है ।
ज़्यादा का नहीं लालच हमको,
थोडे में गुज़ारा होता है |
प्रश्न :
1. भारतीयों के होटों पर क्या रहती है?
उत्तर:
भारतीयों के होटों पर सचाई रहती है।

2. हमारे देश में कौन – सी पवित्र नदी बहती है?
उत्तर:
हमारे देश में गंगा नामक पवित्र नदी बहती है।

3. भारतीय समाज में मेहमान को कैसे मानते हैं?
उत्तर:
भारतीय समाज में मेहमान को जान से भी प्यारा मानते है।

4. सच का विलोम शब्द लिखिए।
उत्तर:
सच × झूठ | असत्य

5. इस गीत के गीतकार कौन हैं?
उत्तर:
शैलेंद्र कुमार इस गीत के गीतकार है।

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निम्न लिखित पद्यांश पढ़कर नीचे दिये गये वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर दीजिए। सही विकल्प से संबंधित अक्षर चुनकर कोष्ठक में रखिए।

1. “फूलों से नित हँसना सीखो,
भौरों से नित गाना।
तरु की झुकी डालियों से
नित सीखो शीश झुकाना।
सीखो हवा की झोकों से
कोमल भाव बहाना।”
प्रश्न :
1. फूलों से क्या सीखना है? ( )
A) हँसना
B) नित हँसना
C) रोना
D) नित रोना
उत्तर:
A) हँसना

2. नित गाना किन से सीखना है? ( )
A) भौरों से
B) फूलों से
C) डालियों से
D) हवा के झोंकों से
उत्तर:
A) भौरों से

3. हवा के झोंकों से क्या सीखना है? ( )
A) कोमल भाव बहाना
B) नित हँसना
C) गाना
D) शीश झुकाना
उत्तर:
A) कोमल भाव बहाना

4. तरु की झुकी डालियों से क्या सीखना है?
A) हँसना
B) रोना
C) शीश झुकाना
D) कोमल भाव बहाना
उत्तर:
C) शीश झुकाना

5. “फूल” शब्द का बहुवचन शब्द पहचानिए।
A) फूल
B) फूलों
C) फूलें
D) फूला
उत्तर:
A) फूल

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2. प्रभु रामचंद्र जी सीताजी संग अयोध्या लौट आये
अयोध्यावासियों ने खुशी में घी के दीये जलाये
दिवाली का पर्व चलो मिलकर सब मनायें
पटखों का धुंआ नहीं दीपमाला जलायें।
प्रश्न :
1. प्रभु श्रीरामचंद्र किनके संग अयोध्या लौट आये?
A) हनुमान
B) सीताजी
C) भरत
D) शत्रुघ्न
उत्तर:
B) सीताजी

2. अयोध्यावासी दीप इससे जलाये थे –
A) तेल
B) पेट्रोल
C) मिट्टी का तेल
D) घी
उत्तर:
D) घी

3. पटाखों को जलाने से यह निकलती है –
A) धुंआ
B) कोयला
C) हवा
D) पानी
उत्तर:
A) धुंआ

4. दीवाली के दिन इनसे घर को सजाते हैं
A) पटाखों से
B) पत्तों से
C) कपडों से
D) दीपों से
उत्तर:
D) दीपों से

5. माला – शब्द का बहु वचन रूप पहचानिए।
A) माले
B) मालाएँ
C) मालियाँ
D) मालिएँ
उत्तर:
B) मालाएँ

अभिव्यक्ति – सृजनात्मकता

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दो या तीन वाक्यों में लिखिए।

1. शैलेन्द्र कुमार जी के बारे में आप क्या जानते है?
उत्तर:
कविवर शैलेंद्र कुमार जी का जन्म सन् 1923 में हआ। आप की मृत्यु सन् 1966 में हुई। आपने कई फिल्मी गीतों की रचना की हैं। आप तीन बार फिल्म फेर अवार्ड से सम्मानित हैं।

निर्देश के अनुसार उत्तर दीजिए।

1. इंसान को कम पहचानते हैं। (रेखांकित शब्द का अर्थ पहचानिए)
A) जानवर
B) पेड
C) आदमी
D) चीज
उत्तर:
C) आदमी

2. हम उस देश के वासी हैं। (रेखांकित शब्द का विलोम शब्द पहचानिए।)
A) स्वदेश
B) परदेश
C) राज्य
D) प्रान्त
उत्तर:
B) परदेश

3. “जान से प्यारा होना” (मुहावरा का अर्थ क्या है?)
A) दुःखी होना
B) बहुत प्रिय होना
C) बेचैन होना
D) शान्त रहना
उत्तर:
A) दुःखी होना

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4. भारत देश में गंगा बहती है। इस वाक्य में क्रिया शब्द पहचानिए|
A) भारत
B) देश
C) गंगा
D) बहती
उत्तर:
D) बहती

5. माँ के लिए बच्चा जान से प्यारा होता है। रेखांकित मुहावरे का अर्थ पहचानिए|
A) अधिक प्रिय होना
B) अधिक अप्रिय होना
C) स्वार्थी होना
D) प्रसन्न होना
उत्तर:
A) अधिक प्रिय होना

अर्थग्राह्यता – प्रतिक्रिया

पठित- पद्यांश

निम्न लिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए।

1. होठों पे सचाई रहती है,
जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है ।
हम उस देश के वासी हैं,
जिस देश में गंगा बहती है ।।
प्रश्न :
1. भारतीयों के दिलों में क्या रहती है?
उत्तर:
भारतीयों के दिलों में सफ़ाई रहती है।

2. जिस देश में गंगा बहती है उस देशवासियों को क्या कहते हैं?
उत्तर:
जिस देश में गंगा बहती है, उस देशवासियों को भारतीय कहते हैं।

3. भारतीयों के होठों पर क्या रहती है?
उत्तर:
भारतीयों के होठों पर सचाई रहती है।

4. उपर्युक्त पद्यांश किस पद्य पाठ से लिया गया है?
उत्तर:
उपर्युक्त पद्यांश “जिस देश है” नामक पद्य पाठ (गेय कविता) से लिया गया है।

5. उपर्युक्त पद्यांश के कवि कौन हैं?
उत्तर:
उपर्युक्त पद्यांश के कवि हैं श्री शैलेंद्र कुमार जी।

ज्यादा का नहीं लालच हमको यह वाक्य क्या है? - jyaada ka nahin laalach hamako yah vaaky kya hai?

2. मेहमाँ जो हमारा होता है,
वो जान से प्यारा होता है।
ज्यादा का नहीं लालच हमको,
थोडे में गुज़ारा होता है।।
बच्चों के लिए जो धरती माँ,
सदियों से सभी कुछ सहती है।
हम उस देश के वासी हैं,
जिस देश में गंगा बहती है ।।
प्रश्न :
1. जान से भी प्यारा हमें कौन है?
उत्तर:
मेहमान जो हैं, वे हमें जान से भी प्यारे हैं।

2. हम किस देश के वासी हैं?
उत्तर:
हम भारत देश के वासी हैं।

3. बच्चों के लिए सदियों से सब कुछ कौन सहती है?
उत्तर:
बच्चों के लिए सदियों से धरती माँ सब कुछ सहती है।

4. थोडे में गुज़ारा किनका होता है?
उत्तर:
भारतवासियों को थोडे में गुज़ारा होता है।

5. हमें कितना लालच नहीं है?
उत्तर:
हमें ज्यादा का लालच नहीं है।

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3. कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं,
इंसान को कम पहचानते हैं।
ये पूरब है पूरब वाले,
हर जान की कीमत जानते हैं ।।
प्रश्न :
1. कुछ लोग ज्यादा जानने पर भी किसे कम पहचानते है?
उत्तर:
कुछ लोग ज़्यादा जानने पर भी इंसान को कम पहचानते हैं।

2. पूरबवाले कौन हैं?
उत्तर:
भारतीय पूरब वाले हैं।

3. पूरब वाले क्या जानते हैं?
उत्तर:
पूरबवाले हर जान की कीमत जानते हैं।

4. यह पद्यांश किस पाठ से दिया गया है?
उत्तर:
यह पद्यांश “जिस देश में गंगा बहती है” पाठ से दिया गया है।

5. इस पद्यांश के कवि कौन है?
उत्तर:
इस पद्यांश के कवि हैं “श्री शैलेंद्र कुमार जी।”

ज्यादा का नहीं लालच हमको यह वाक्य क्या है? - jyaada ka nahin laalach hamako yah vaaky kya hai?

4. मिलजुल के रहो और प्यार करो,
एक चीज़ यही तो रहती है।
हम उस देश के वासी हैं,
जिस देश में गंगा बहती है ॥
जो जिससे मिला सीखा हमने,
गैरों को भी अपनाया हमने।
मतलब के लिए अंधे होकर,
रोटी को नहीं पूजा हमने।
प्रश्न :
1. “एक चीज़ यही तो रहती है” – वह क्या है?
उत्तर:
एक चीज़ यही तो रहती वह है। “मिलजुल के रहना और प्यार करना”।

2. हम ने किसको अपनाया?
उत्तर:
हमने गैरों को भी अपनाया।

3. मतलब के लिए अंधे होकर हमने क्या नहीं किया?
उत्तर:
मतलब के लिए अंधे होकर हमने रोटी को नहीं पूजा।

4. जिस किसी से मिलने पर हमने क्या किया?
उत्तर:
जिस किसी से भी मिलने पर हमने उनसे कुछ सीखा।

5. उपर्युक्त पद्यांश के कवि कौन है?
उत्तर:
उपर्युक्त पद्यांश के कवि हैं “श्री शैलेंद्र कुमार”।

ज्यादा का नहीं लालच हमको यह वाक्य क्या है? - jyaada ka nahin laalach hamako yah vaaky kya hai?

5. अब हम तो क्या सारी दुनिया,
सारी दुनिया से कहती है।
हम उस देश के वासी हैं,
जिस देश में गंगा बहती है।।
प्रश्न:
1. सारी दुनिया सारी दुनिया से क्या कहती है?
उत्तर:
सारी दुनिया सारी दुनिया से कहती है कि हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है।

2. गंगा किस देश में बहती हैं?
उत्तर:
गंगा भारत देश में बहती है।

3. इस पद्यांश में किस देशवासियों के गुणों के बारे में बताया गया है?
उत्तर:
इस पद्यांश में भारत देश के देशवासियों के गुणों के बारे में बताया गया है।

4. उपर्युक्त पद्यांश किस पाठ से दिया गया है?
उत्तर:
उपर्युक्त पद्यांश ‘जिस देश में गंगा बहती है। नामक पद्यपाठ से दिया गया है।

5. उपर्युक्त पद्यांश के कवि कौन हैं?
उत्तर:
उपर्युक्त पद्यांश के कवि हैं “श्री शैलेंद्रकुमार”

ज्यादा का नहीं लालच हमको यह वाक्य क्या है? - jyaada ka nahin laalach hamako yah vaaky kya hai?

6. कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं,
इंसान को कम पहचानते हैं।
ये पूरब है पूरब वाले,
हर जान की कीमत जानते हैं।
जो जिससे मिला सीखा हमने,
गैरों को भी अपनाया हमने।
मतलब के लिए अंधे होकर,
रोटी को नहीं पूजा हमने।।
प्रश्न :
1. हम किन्हें अपनाया?
उत्तर:
हमने गैरों को अपनाया।

2. हर जान की कीमत कौन जानते हैं?
उत्तर:
भारत देश के लोग हर जान की कीमत जानते हैं।

3. ये पद्य किस पाठ से लिये गये हैं?
उत्तर:
ये पद्य ‘जिस देश में गंगा बहती है’ नामक पद्य पाठ से लिये गये हैं।

4. ‘गैर’ शब्द का अर्थ क्या है?
उत्तर:
“गैर” शब्द का अर्थ है – “और दूसरे लोग”। (पराया)

5. मतलब के लिए अंधे होकर किन्होंने रोटी नहीं पूजा?
उत्तर:
मतलब के लिए अंधे होकर भारतीयों ने रोटी नहीं पूजा।

अपठित – पद्यांश

निम्न लिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर विकल्पों में से चुनकर लिखिए।

1. साक्षी रहे संसार, करता हूँ प्रतिज्ञा पार्थ मैं,
पूरा करूँगा कार्य सब कथनानुसार यथार्थ मैं।
जो एक बालक को कपट से मार हँसते हैं अभी,
वे शत्रु सत्वर शोक – सागर – मग्न दिखेंगे सभी ।।
प्रश्न :
1. इस पद्य में कौन प्रतिज्ञा करते हैं?
A) अभिमन्यु
B) पार्थ
C) दुर्योधन
D) भीम
उत्तर:
B) पार्थ

2. साक्षी कौन रहेगा?
A) संसार
B) पार्थ
C) कृष्ण
D) नकुल
उत्तर:
A) संसार

3. एक बालक को कपट से मारकर सभी क्या करते हैं?
A) रोते
B) सोते
C) हँसते
D) भाग जाते
उत्तर:
C) हँसते

4. वे शत्रु किस सागर को मग्न देखेंगे?
A) हँस
B) शोक
C) क्षीर
D) हिंदु महासागर
उत्तर:
B) शोक

5. ये कथनानुसार यथार्थ कार्य पूरा करना चाहता है ?
A) भीम
B) कृष्ण
C) अभिमन्यु
D) पार्थ
उत्तर:
D) पार्थ

ज्यादा का नहीं लालच हमको यह वाक्य क्या है? - jyaada ka nahin laalach hamako yah vaaky kya hai?

2. सहानुभूति चाहिए, महा विभूति है यही,
वसीकृत सदैव है बनी हुई स्वयं मही।
विरुद्धवार बुद्ध का दया – प्रवाह में बहा,
विनीत लोक वर्ग क्या न सामने झुका रहा?
आहा ! वही उदार है परोपकार जो करे,
वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे !!
प्रश्न :
1. हमें क्या चाहिए?
A) यश
B) पढाई
C) सहानुभूति
D) वर
उत्तर:
C) सहानुभूति

2. महाविभूति क्या है?
A) सहानुभूति
B) यश
C) वर
D) भोजन
उत्तर:
A) सहानुभूति

3. उदार कौन है?
A) परपीडा करने वाला
B) परोपकारी
C) धन देनेवाला
D) यश पानेवाला
उत्तर:
B) परोपकारी

4. विरुद्धवार किसके दया प्रवाह में बहा ?
A) अशोक
B) महावीर
C) शंकर
D) बुद्ध
उत्तर:
D) बुद्ध

5. निजी मनुष्य इसके लिए मरता है
A) मनुष्य
B) पशु
C) स्नेह
D) मोह
उत्तर:
A) मनुष्य

ज्यादा का नहीं लालच हमको यह वाक्य क्या है? - jyaada ka nahin laalach hamako yah vaaky kya hai?

3. इधर गोकुल से जनता कढ़ी, उमगती अति आनन्द में पगी।
उधर आ पहुँची बल – वीर की, विपुल धेनु – विमंडित – मंडल।।
ककुभ शोभित गोरज बीच से, निकलते व्रज – वल्लभ यों लसे।
कदन ज्यों करके दिशि – कालिमा, विलसित नभ में नलिनीश है ।।
प्रश्न :
1. उधर क्या आ पहुँची ?
A) विपुल धेनु – विमंडित – मंडल
B) विपुल भैंस – विमंडित मंडल
C) विपुल बैल – विमंडित मंडल
D) ये सब
उत्तर:
A) विपुल धेनु – विमंडित – मंडल

2. इधर जनता कहाँ कढी ?
A) मधुवन
B) पाटलीपुत्र
C) गोकुल
D) प्रयाग
उत्तर:
C) गोकुल

3. विपुल धेनु – विमंडित – मंडल किसका है?
A) कृष्ण का
B) भीम का
C) बलवीर का
D) कंस का
उत्तर:
C) बलवीर का

4. ककुभ शोभित गोरज बीच से कौन निकलने लगे ?
A) बल – वीर
B) व्रज – वल्लभ
C) धर्मराज
D) अर्जुन
उत्तर:
B) व्रज – वल्लभ

5. नभ में कौन विलसित है?
A) सूरज
B) नलिनीश
C) तारे
D) बलवीर
उत्तर:
B) नलिनीश

ज्यादा का नहीं लालच हमको यह वाक्य क्या है? - jyaada ka nahin laalach hamako yah vaaky kya hai?

4. मनमोहिनी प्रकृति की जो गोद में बसा है।
सुख स्वर्ग – सा जहाँ है, वह देश कौन – सा है?
जिसका चरण निरंतर रत्नेश धो रहा है,
जिसका मुकुट हिमालय, वह देश कौन – सा है?
बचो अर्चना से, फूलमाला से।
प्रश्न :
1. इस पद्यांश में चर्चित देश क्या है?
A) भारत
B) अमेरिका
C) इंग्लैंड
D) रूस
उत्तर:
A) भारत

2. प्रकृति कैसी है?
A) बीभत्स
B) भयानक
C) मनमोहिनी
D) पतझडवाली
उत्तर:
C) मनमोहिनी

3. भारत माँ का चरण निरंतर ये धो रहा है
A) हिमेश
B) विध्येष
C) रमेश
D) रत्नेश
उत्तर:
D) रत्नेश

4. किनसे बचना है?
A) तप – जप से
B) हिंसा – अहिंसा से
C) शांति – अशांति से
D) अर्चना – फूलमाला से
उत्तर:
D) अर्चना – फूलमाला से

5. इस पद्य में प्रयुक्त देश (भारत) का मुकुट क्या है?
A) विंध्याचल
B) हिमालय
C) सात्पुडा
D) नीलगिरि
उत्तर:
B) हिमालय

ज्यादा का नहीं लालच हमको यह वाक्य क्या है? - jyaada ka nahin laalach hamako yah vaaky kya hai?

5. अधिकार खोकर बैठ रहना, यह महा दुष्कर्म है,
न्यायार्थ अपने बन्धु को भी दण्ड देना धर्म है।
इस तत्व पर ही कौरवों से पाण्डवों का रण हुआ,
जो भव्य भारतवर्ष के कल्पान्त का कारण हुआ।
प्रश्न :
1. भव्य भारत वर्ष के कल्पांत का कारण क्या था?
A) रामायण
B) कौरव पांडवों का रण
C) पाक – भारत रण
D) ये सब
उत्तर:

2. महा दुष्कर्म क्या है?
A) अधिकार खो कर बैठ रहना
B) अधिकार लेकर बैठ रहना
C) अधिकार देकर बैठ रहना
D) ये सब
उत्तर:
A) अधिकार खो कर बैठ रहना

3. धर्म की बात क्या है?
A) युद्ध करना
B) अधिकार खोना
C) न्यायार्थ अपने बंधु को भी दंड देना
D) ये सब
उत्तर:
C) न्यायार्थ अपने बंधु को भी दंड देना

4. इस पद्यांश में किस युद्ध के बारे में बताया गया है?
A) कौरव – पांडव
B ) भारत – पाक
C) जर्मनी – चीन
D) कुछ कहा नहीं जाता
उत्तर:
A) कौरव – पांडव

5. किस तत्व पर पांडव – कौरवों का रण हुआ?
A) धर्म
B) अन्याय
C) अधर्म
D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
A) धर्म